How to Rank Keyword Without Backlinks [Hindi]

How to Rank Keyword Without Backlinks [Hindi]

How to Rank Keyword Without Backlinks [Hindi]

क्या बैकलिंक के बिना हम Keyword रैंक कर सकते हैं ?

क्यों बैकलिंक को इतना ज्यादा महत्व हैं ?

क्या बैकलिंक सच में इतना बड़ा रैंकिंग फैक्टर है की इसके बिना हम Keyword रैंक ही नहीं कर सकते?

आजकल ब्लॉगिंग सेक्टर में ये एक फिलॉसॉफी चल रही है “नो बैकलिंक-नो रैंकिंग “। मेरा एक दोस्त है जो २-३ सालसे ब्लॉगिंग कर रहा है। उसने अपने वेबसाइटके लिए ढेर सारे बैकलिंक बनाके रखे है। जिसमेंसे शायद ५ % बैकलिंक ही रिलेवेंट होगी। मतलब ५% ही ऐसी बैकलिंक थी जो उसे रैंक करने में मदद कर सकती थी।

तो अब उन्ह ९५ % बैकलिंक का क्या जो उसने अपना समय खर्चा करके बनाये थे?

ये बैकलिंक्स उन क्रिकेट खिलाड़ियोंकी तरह होती है जो सेलेक्ट तो होती है लेकिन प्लेयिंग ११ में नहीं होती। मान लीजिये आपके पास ३००० बैकलिंक है और उसमेंसे एक भी बैकलिंक रिलेवेंट (मतलब आपके टॉपिक के सम्बंधित ) नहीं है तो उन बैकलिंक की कीमत झिरो है। 

ऐसा क्यों?

सबसे पहले आप बैकलिंक का उद्देश समझ लीजिये। हम बैकलिंक कब बनाते है ?

मान लीजिये आप किसी टॉपिक के ऊपर पोस्ट लिख रहे है और उस टॉपिक में एक सब-टॉपिक भी है, लेकिन उस सब-टॉपिक के बारे में आप के पास कुछ जानकारी नहीं है।

ऐसे में आप किसी अन्य वेबसाइट की एक लिंक दे देते है जिसमें उस सब-टॉपिक के बारेमें लिखा होता है। इस परिस्थितिमें आप के वेबसाइट से उस वेबसाइट को एक बैकलिंक मिल जाती है जो एक रिलेवेंट बैकलिंक होती है।

आप देख सकते है की यहा पे सच में एक लिंक की जरुरत थी इसलिए ऐसी बैकलिंक रैंकिंग में हेल्प करती है। 

अब आते है अपने मुख्य टॉपिक पर क्या बैकलिंक के बिना हम Keyword रैंक कर सकते हैं ? 

हाँ ! हम बिना बैकलिंक के भी रैंक कर सकते हैं। 

सबसे पहले आप इस “नो बैकलिंक-नो रैंकिंग” फिलॉसॉफी को मनसे हटा दीजीये। पहली बात बैकलिंक एक महत्वपूर्ण फॅक्टर है जो आपको रैंकिंग में मदद करता हैं। बैकलिंक सिर्फ एक फॅक्टर है और इसे छोड़ के और भी बहुत सारे फॅक्टर्स है जो आपको रैंकिंग में मदद करते हैं। हर एक फैक्टर की कीमत अलग होती है और ये किसी को नहीं पता की कौनसे फैक्टर की कीमत कितनीहै। इसलिए हमें सिर्फ बैकलिंक के ऊपर फोकस न करके बाकि फैक्टर्स के ऊपर भी ध्यान देना है।

User Experience

two men hand shaking

मान लीजिये आप किसी micro niche के ऊपर ब्लॉग लिख रहे हैं जिसमें competition और search volume भी कम हैं। 

अब जाहिर हैं की शुरुवात में तो आपको high quality बैकलिंक मिलेगाही नहीं। यहाँ पे आप अपने niche topic पे जितना लिख सकते है लिख लीजिये। मतलब यूजर को उस niche के बारे में कुछ भी समस्या होगी तो वो आपके ब्लॉग पर मिलना ही चाहिए। 

आप Quora पे जाके वहा से पता कर सकते है की क्या समस्या है। आप उनकी जीवन में व्हॅल्यू बनाइये। जब किसी यूजर का आप विश्वास हासिल करते है तो वो भी पहले आप को priority देगा।

उन्हे टॉपिक के संबंधित कुछ भी समस्या होगी तो वो पहले आप के वेबसाइट को विजिट करेंगे। आपकी वेबसाइट को बुकमार्क करके रखेंगे। 

जब ऐसे यूजर आपको मिल जाते है तो आपको किसी बैकलिंक जरुरत ही नहीं पड़ेगी।

कहने का मतलब यही है की आप यूजर्स के intention को समझ के अपनी पोस्ट लिखिए। आप यूजर्स का ध्यान रखेंगे तो गूगल भी आप का ध्यान रखेगा। 

Content

cartoon singing a song and audience responding

एक बात ध्यानमें रखिये की जब आप बैकलिंकसे ज्यादा कॉन्टेंट केऊपर ध्यान देंगे तो बैकलिंक अपने आप मिलती रहेगी। 

ऐसा कैसे हो सकता है ?

मान लीजिये आपने एक टॉपिक के ऊपर ऐसा पोस्ट लिखा जो आजतक किसीने भी नहीं लिखा होगा। पूरा फ्रेश और यूनिक कॉन्टेंट। ऐसे में अगर आपका कंटेंट अच्छा लगता है तो बाकिके ब्लॉगर्स आपके हार्डवर्क को पसंद करेंगे और उनकी पोस्ट में आपके पोस्ट का लिंक जरूर देंगे जो एक Relevant होगी और रैंकिंग में मदद भी करेगी।

आप को क्या लगता है जो बड़े बड़े ब्लॉगर हैं जिनके १ मिलियन तक बैकलिंक्स है वो खुद इतने बैकलिंक बनाते होंगे ?

नहीं। ऐसा बिलकुल नहीं हैं। ये सब कॉन्टेंट का कमाल है। उनका कॉन्टेंट इतना बढ़िया होता हैं की लोग उसे अपने पोस्ट में लिंक करते  है जिससे उनकी बैकलिंक्स हररोज बढ़तीही जाती है।

यहाँ पे हम भगवत गीता के एक श्लोक का सन्दर्भ लेते है। 

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। 

कर्म करते जाइये, फल की अपेक्षा मत रखिये। यहाँ पे कर्म जो हैं वो है हमारा कॉन्टेंट, कॉन्टेंट लिखनेके लिए किया हुआ हार्डवर्क हैं। और इसका फल है रैंकिंग जो गूगल की पहले पेज पर होगा।

मतलब हमे अपने कॉन्टेंट के ऊपर फोकस करना होगा। बैकलिंक तो मिलती जाएँगी। और जब बैकलिंक मिलेगी तो ब्लॉग की ऑथोरिटी भी बढ़ती जाएगी।

आप ऐसा कॉन्टेंट लिखिए जो लोगों की समस्या सुलझा सके। आप सिर्फ लोगों के ऊपर ज्यादा फोकस कीजिये।

अपनी पोस्ट में ग्राफ्स , इमेजेस,व्हिडीओ, इ. का इस्तेमाल अच्छी तरह से कीजिये। ज्यादा लिखने की चक्करमें आप बिना वजह से पोस्टकी खिचाई मत कीजिये। 

अच्छी पोस्ट लिखनेके लिए ३०००-४००० वर्ड्स होने चाहिए ऐसा कुछ नियम नहीं है। २०० वर्ड्स की पोस्ट भी रैंक होती है। यहाँ पे शब्दों की संख्या मायने नहीं रखती। आप कीवर्ड्स की हिसाब से पोस्ट लम्बी याफिर छोटी लिख सकते है। 

गूगल का मिशन यही की वो लोगों तक अच्छीसे अच्छी इन्फॉर्मेशन पहुँचा सके। आप का मिशन भी यही होना चाहिए। अगरआप विज़िटर्स को अच्छी इन्फॉर्मेशन देते है तो आपकी वेबसाइट १००% रैंक होगी। 

Keyword

Keyword और एक ऐसा फैक्टर है जो आपको बिना बैकलिंक के रैंक करवा सकते हैं। 

१. पोस्ट लिखने से पहले Keyword Research बहुत जरुरी है। पोस्ट लिखने के लिए ऐसा कीवर्ड ढूंढिये जिसकी कॉम्पिटिशन कम से कम हो और कॉस्ट पर क्लीक अच्छी खासी हो। ऐसे कीवर्ड Long-tail keywords होते है जो ४-५ वर्ड्स के होते हैं। आप ऐसे कीवर्ड ढूंढिए और उसपे पोस्ट लिखिए। 

२. Main Keyword को आप पोस्ट की Title में ऐड कीजिये। 

३. पोस्ट की पहले १०० शब्दों में Main Keyword का इस्तेमाल कम से कम एक बार जरूर करें। 

४. Meta Description में अपने Keyword को जरूर ऐड करे। 

५. आप जिस Keyword को रैंक करवाना चाहते है उसकी Keyword Density पुरी पोस्ट

में ०.५ से १ % तो रखिये।  

Internal Linking

Internal Linking का मतलब होता है आप के वेबसाइट के किसी एक पोस्ट में आपके ही वेबसाइट के किसी दूसरे पोस्ट का लिंक देना। 


Internal linking करने से आप के आप के सारे पोस्ट इंडेक्स होने में मदद होती है। आप के जितने सारे पोस्ट है उस हर एक पोस्ट में आप अच्छी तरह से internal linking कीजिये। 


ये करते समय आप relevancy के ऊपर भी ध्यान दे। एक लिंक एक ही पोस्ट में २ बार मत दीजिये। 

SEO

seo letters

बैकलिंक एक off page SEO  का पार्ट है, अगर हम इसे साइड में रखे तो बाकि जो बचा हुआ SEO है उसपे आपको फोकस करना होगा। क्योंकि बिना SEO के रैंकिंग भूल ही जाइए।

अगर आप को बिना बैकलिंक के अपनी वेबसाइट रैंक करवानी है तोह आपको अपने competitor की strategy के ऊपर ध्यान देना होगा। खास कर के तब जब आप नए हो।

Strategy का मतलब है आप के Competitor ने कितने वर्ड्स की पोस्ट लिखी हैं, उसने कितने इमेजेस इस्तेमाल किये हैं इ.। 

On page SEO में आपको वेबसाइट डिजाइन पर फोकस करना होगा। पूरा पोस्ट अच्छी तरह से सजाइये। टायटल,मेटा डिस्क्रिप्शन, इ. अच्छी तरह से लिखे। पोस्ट में मल्टीमीडिया का इस्तेमाल जरूर करे। 

Technical SEO में आपको Sitemap, Canonical tag , Redirection इ पे ध्यान देना होगा। 

Off page SEO में आप सोशल मीडियापे शेअर कर सकते है। मतलब Backlink बिल्डिंग छोड़के आपको बाकि सब SEO करना होगा। यहाँपे कोई शॉर्टकट नहीं है।   


Pay attention on Bounce Rate

Bounce Rate एक पर्सेंटेज ( % ) होता हैं जो ये दर्शाता है की कितने लोगों ने आपके वेबसाइटको ओपन तो किया लेकिन बिना किसी और पेज को खोले क्लोज किया। 

मतलब जब कोई किसी लिंक के जरिये आपके वेबसाइट पर आता है और बाकि कुछ कॉन्टेंट को बिना पढ़े क्लोज कर देता है। 

इसे आप का बाउंस रेट बढ़ जाता है।  अगर आपका बाउंस रेट ज्यादाहै तो आप रैंक नहीं कर सकते। बाउंस रेट बढनेका मुख्य कारन ये है की आपके वेबसाइट पर ऐसा कॉन्टेंट नहीं है जो लोगोंको एंगेज कर सके। 

हो सकता है युजरको वह नहीं मिल रहा जिसकी उसे तलाश हैं।

ऐसे में आप इंटरनल लिंकिंग करके लोगों को ज्यादा देर आपकी वेबसाइट पर रुकने को मजबूर कर सकते है।  

ये कुछ टिप्स थी जिसे इम्प्लीमेंट करके आप अपने कीवर्ड को रैंक कर सकते है बिना बैकलिंक के। यहाँ पे मैं एक बात क्लियर करना चाहता हूँ की बैकलिंक एक महत्वपूर्ण फैक्टर है लेकिन आप उसे इतनाभी महत्व ना दे। आप competitor के आगे जाना है तो आप को बैकलिंक तो  बनानी होगी लेकिन आप सिर्फ relevant  बैकलिंक के ऊपर ही ध्यान दे। क्यूंकि रैंकिंग में आप को यही बैकलिंक हेल्प करती है

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How to Rank Keyword Without Backlinks [Hindi]
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How to Rank Keyword Without Backlinks [Hindi]
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Kya backlink ke bina hum apni website yaphir Keyword rank kar sakte hai? Kyun Backlink ko itna jyada mahatva diya jata hai? Chaliye jaante hai iss post mein.
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